अन्ना हजरे के साथ आई भीड़ के खतरे|

मुझे लगता है कि अन्ना हजारे की नीयत में कोई खोट नहीं है लेकिन जिस तरह के लोग अन्ना जी के साथ आये उससे बहुत बड़े खतरे उत्पन्न हो गए हैं क्योंकि जिस तरह के लोग अन्ना जी के साथ आये या जो वर्ग उनके साथ आया सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार करने वाला भी वाही वर्ग है तो उस वर्ग की यह एक चल हो सकती है जिससे कि लोग केवल आइटम सोंग को देखें और मूल कहानी को ही भूल जाएँ |

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सूचना एवं रोज़गार का अधिकार अभिया राजस्थान की संवीक्षा बैठक १७ नवम्बर को सम्पन्न हुई

राजस्थान भर से विभिन्न संस्था संगठनों के प्रतिनिधि समग्र सेवा संघ जयपुर में एक दिन के लिए एकत्रित हुए तथा राजस्थान सरकार व सूचना एवं रोज़गार अधिकार अभियान के बीच हुए समझोते पर अब तक राज्य सरकार द्वारा की गई कार्यवाई की संवीक्षा की गई तथा निम्नलिखित निर्णय लिए गए:

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किसान स्वराज यात्रा जयपुर पहुंची

आज किसान स्वराज यात्रा जो सावरमती गुजरात से शुरू हुई थी और राजघाट दिल्ली पहुंचेगी जयपुर में पहुंची और यात्रा का स्वागत विनोवा ज्ञान मन्दिर में प्रोफ. वी. एस. व्यास उपाध्यक्ष राज्य आयोजन बोर्ड एवं सदस्य प्रधानमंत्री सलाहकार परिषद तथा राजस्थान के प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ताओं ने किया यात्रा का नेत्रत्व कविता कुरुनगंती कर रही हैं जो कि बंगलुरु की रहने वाली हैं लेकिन किसानों  के लिए पंजाब  में काम करती हैं मुख्या मुद्दा जी. एम. बीजों को लेकर है ये जी. एम. बीज ह्यब्रिड से भी अधिक खतरनाक हैं क्योंकि ये केवल एक बार ही उगते है उसके बाद उगते ही नहीं हैं और भारत सरकार व राजस्थान सरकार जी. एम. बीजों के लिए MOU sign कर रहे है एक co . है जिसका नाम monasanto है| BT ब्रिन्जन के बारे में  आप सुन ही चुके है इन्हीं सारे इसूज़ को लेकर यह यात्रा निकली जा रही है|

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मजदूरों की ऐतिहासिक जीत:

मजदूरों की दीवाली के दीये  जले ईद पर

ईद मुबारक, जीत मुबारक

संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन की अध्यक्षा एवं राष्ट्रीय सलाहकार परिषद की अध्यक्षा द्वारा प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को न्यूनतम मजदूरी के लिए पत्र लिखने एवं राजस्थान सरकार द्वारा  मजदूरों की मांगों को मानते हुए लिखित समझौता किया जिस पर राज्य सरकार की तरफ से तन्मय कुमार महानरेगा आयुक्त एवं सत्यव्रत शर्मा अतिरिक्त श्रम आयुक्त तथा सूचना एवं रोज़गार अधिकार अभियान की तरफ से निखिल डे, भंवर चंदाना एवं रेणुका पामेचा ने हस्ताक्षर कियेलिखित समझोता होने के बाद पिछले ४७ दिनों से चल रहा मजदूर हक सत्याग्रह जीत के उल्लास के साथ संपन्न हो गया |

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दिल्ली में एक दिवसीय जनसुनवाई संपन्न :

दिनांक १२.११.२०१० को दिल्ली में एक दिवसीय जनसुनवाई का आयोजन पीपल्स एक्शन फॉर एम्प्लोयामेंट गारंटी (पेग ) तरफ से किया गया जिसमे भारत भर के विभिन्न राज्यों जिनमें राजस्थान, पंजाब, हरियाणा,गुजरात,उड़ीसा, केरला, तमिलनाडु, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, आँध्रप्रदेश, दिल्ली, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, महारास्त्र, जम्मू एंड कश्मीर, बिहार,झारखण्ड एवं छत्तीसगढ़ से बहुत सारे लोग आये:
जनसुनवाई में प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता अरुणा रॉय,निखिल डे, एन्नी राजा, ललित माथुर, उषा रामनाथन,अमरजीत कौर, ज्यों द्रेज़, प्रमिला रूपा,भारत डोगरा, कमल मित्र चिनॉय, हर्ष मंदर, कामरेड राजा आदि ब्यक्ति मोजूद थे|

जनसुनवाई दो सत्रों में आयोजित हुई जिसमें प्रमुख रूप से निम्न मुद्दों पर बात की गई :
जनसुनवाई की सुरुआत हल चलाकर खेतों को मैनें ही सजाया रे…….. गीत के साथ एम.के.एस.एस. के सदस्यों ने की|
१ राजस्थान के बारां जिले में स्थित बंधुआ मजदूरों सहित पूरे देश में बंधुआ मजदूरी पर रोक पर लगाईं जाय साथ उन मजदूरों को रोज़गार दिया जाय|
२.नरेगा में न्यूनतम मजदूरी से कम का भुगतान करने पर भी बंधुआ मजदूर माना जाय और वह समस्त प्रावधान लागू हों जो एक बंधुआ मजदूर सिद्ध होने पर होते हैं वैसे ही सरकार के ऊपर भी केस चलाया जाय|
३. न्यारी नपती न्यारी रेट की यदि व्यबस्था लागू करने में असफल रहे तो मजदूर को पूरा भुगतान करे सरकार जिससे गरीब के साथ धोखा न हो|
४.राजस्तःन के टोंक जिले की रूपवास पंचायत के गुदलिया गाँव में १ रूपया मजदूरी दी गई जो कि पूरी तरह असंवैधानिक है और ऐसे भ्रष्टाचार करने प्रशासनिक अधिकारीयों और कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कार्यवाही हो और मजदूरों को उनकी म्हणत का पूरा पैसा दिया जाय|
५. राजस्थान में पांच जिलों के जला कलेक्टरों द्वारा किये भ्रष्टाचार पर कड़ी आपत्ति जताई और इस प्रकार का भ्रष्टाचार यदि देश के किसी भी कोने में होता है तो कड़ी कार्यवाही कराने की मांग की गई साथ ही उन पांच कलेक्टरों पर तुरंत कार्यवाही की मांग की गई|

राजस्थान के टोंक जिले में एक रूपया प्रतिदिन मजदूरी
विभिन्न राज्यों से आये व्यक्तियों ने अपने-अपने अनुभव सुनाये जो इस प्रकार हैं :
सर्वप्रथम गुदलिया के लोगों ने अपनी एक रुपये वाली कहानी बताई कि कनिष्ठ अभियंता ने रिश्वत के पैसे मांगे और नहीं देने पर एक रूपया प्रतिदिन की दर से मजदूरी अंकित कर दी और कलेक्टर अभी भी हमें धमका रहा है

राजस्थान के बारां जिले में अभी भी १७ परिवार बंधुआ:
बारां जिले ओमप्रकाश ने बताया कि वह विगत पांच वर्षों से एक व्यक्ति यहाँ काम कर रहा है और उसने केवल चार हजार रुपये लिए थे जिनके लिए वह अभी भी काम कर रहा है और वीमार होने पर उसे मारा पीटा गया और इसी प्रकार के १७ परिवार उसी के गाँव में हाली का जीवन जीने को मज़बूर है क्योंकि वहां पर रोज़गार गारंटी में जॉब कार्ड्स नहीं बने हैं

छत्तीसगढ़ में नहीं होता मजदूरों को महोनों भुगतान:
छत्तीसगढ़ के गंगाराम पेगरा ने बताया कि वहां पर जॉब कार्ड बनाने में तो कोई समस्या नहीं है लेकिन मजदूरों को भुगतान ३-४ महीने देरी से हो रहा है और कहने पर कलेक्टर कहता है कि मुख्यमंत्री ट्रांसफर करने की बात कहते है जो चल रहा है उसे ही चलने दो इसलिए लोग नरेगा में कम करने में रूचि नहीं ले रहे हैं|
हरियाणा में नहीं मिलती रसीद और भुगतान ३ महीने की देरी से होता है:हरियाणा से आई राधा कस्वां  ने बताया कि प्रपत्र ६ भरने पर पंचायत द्वारा रसीद नहीं दी जाती है और भुगतान भी ३ से ४ महीने की देरी से किया जा रहा है

उत्तरप्रदेश के  सीतापुर जिले के लोगों लिया बेरोजगारी भत्ता: उत्तरप्रदेश के सीतापुर जिले से आई सुरवाला ने बताया कि हमने २ वर्ष पहले बेरोजगारी भत्ते के लिए आवेदन किया तो सरकार ने कुछ नहीं जब  अधिक दबाव सरकार के ऊपर आया तो एक कमेठी का गठन किया जो जिसमें दो सदस्य मजदूर संगठनों से भी लिए गए और अंत में सरकार ने कहा कि आप लोग मौखिक रूप से बेरोजगारी भत्ता लेने का दबाव बनाया परन्तु जब मजदूरों ने मना कर दिया तो अन्तत: सरकार ने हारकर 14,99,345  रुपये का बेरोजगारी भत्ता दिया लेकिन जब से बेरोजगारी भत्ता लिया है तब से आवेदन की रसीद लेना दांतों टेल चना चबाना जैसा हो गया है, समूह में ही जाने पर ही आवेदन का रसीद मिलती है |उत्तरप्रदेश के अन्य साथी अजय पटेल ने बताया कि बहुत बड़ी संख्या में जॉब कार्ड्स फर्जी हैं तथा रसीद मिलता नहीं है इसलिए काम मिलता नहीं है हमारे यहाँ पर महानरेगा की बहुत ख़राब स्तिथि है|
गुजरात में अभी तक नहीं बने जॉब कार्ड्स: गुजरात राज्य से आई नीता ने बताया कि जिन छ: जिलों में प्रथम चरण में शुरू हुआ था उनमें अभी तक जॉब कार्ड्स नहीं बने हैं तथा 27 से 30 सदस्यों के परिवारों के भी एकल जॉब कार्ड्स बना रखे हैं जो कि बहुत ही असंवैधानिक है और राज्य सरकार नरेगा को बर्बाद करने में लगा हुआ है|

कर्नाटक में देते है सप्ताह के 200 रुपये: कर्नाटक  से आई परवीना ने बताया नायल  कि हमारे यहाँ पर पचायत के लोग किसी प्रकार का कोई काम नहीं कराया जाता है केवल हर सप्ताह 200 रुपये दिए जाते है जो कि मजदूरों के साथ अन्याय है|
पश्चिमी वंगाल में महिलायों  को नहीं मिलता काम : पश्चिमी वंगाल से आई मंजू ने बताया कि राज्य में 9,13,800 जॉब कार्ड्स में से 46 प्रतिशत महिलायों को तो काम ही नहीं दिया जा रहा है जो कि असंवैधानिक है और महिलायों के साथ घोर अन्याय है|
जम्मू एवं कश्मीर में नहीं है किसी प्रकार की जबावदेही:जम्मू एवं कश्मीर से आई महिला प्रतिनिधि ने बताया कि हमारे यहाँ पर किसी प्रकार की कोई जबावदेही नहीं है|
आँध्रप्रदेश में एक गाँव के लोंगों के जॉब कार्ड्स एवं सामग्री खर्च की  दीवार पेंटिंग दूसरे गाँव में की गई है:आँध्रप्रदेश से आई अरुणा बांचा ने बताया कि भुगतान समय पर हो रहा है लेकिन भ्रष्टाचार बहुत है साथ ही बताया कि पारदर्शिता के लिए जो दीवार पर जॉब कार्ड्स एवं सामग्री खरीद की सूचना की पेंटिंग संबधित गाँव में ना करके और किसी दूसरे गाँव में की गई है जिससे गाँव के लोंगों को सच्चाई का पता नहीं चल सके अत: इस प्रकार के लेखन का कोई मतलब नहीं है
उडीसा मेंमिलती है  बहुत कम मजदूरी:उडीसा से आई संध्या ने बताया कि हमारे यहाँ पर मजदूरी १२ रुपये से लेकर 50 रुपये तक ही दी जा रही है तथा भुगतान भी 2 से 3 महीने देरी से किया जा रहा है इसलिए हम लोग सभी आन्दोलन कर रहे हैं|
तमिलनाडु में 40 प्रतिशत महिलाएं करती हैं रोज़गार गारंटी में काम

तमिलनाडु में 40 प्रतिशतजॉब कार्ड्स फर्जी हैं: तमिलनाडु से आई सुशीला ने बताया कि हमारे यहाँ पर 80 प्रतिशत महिलाएं ही रोज़गार गारंटी में काम करती हैं साथ ही बताया कि समस्त जॉब कार्ड्स में से 40 प्रतिश जॉब कार्ड्स फर्जी हैं ,कार्यस्थल पर किसी प्रकार की कोई सुविधाएँ नहीं हैं, मजदूरी का भुगतान भी कम किया जा रहा है और भुगतान अभी भी नकद दिया जा रहा है बैंक से देने की कोई व्यवस्था नहीं की जा रहा है जिससे चोरियां बढ़ रही हैं|

शेष अगले अंक में………………..

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अरुणा रॉय के नेत्रत्व में मुख्यमंत्री से मिला प्रतिनिधिमंडल:

मजदूर हक सत्याग्रह के ३९ वें दिन आज अरुणा रॉय के नेत्रत्व में एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से मिला जिसने मुख्यत: पांच  चीजों पर जोर दिया :

  1. सूचना के अधिकार की धरा ४ ब की क्रियान्विति सम्पूर्ण राज्य में हो
  2. बारां जिले में स्थित बंधुआ मजदूरों को मुक्त कराकर कानूनी सहायता दी जाय
  3. राजस्थान में नरेगा श्रमिकों की यूनियन पंजीकृत की जाय
  4. न्यूनतम मजदूरी को उपभोक्ता मूल्य शूचकांक से जोड़ा जाय
  5. जिन ग्राम पंचायतों में विशेष जांच हुई उनमे बसूली सुनिश्चित करवाना

मुख्यमंत्री द्वारा उपरोक्त पांचो बिन्दुओ पर दिया गया जबाव

  1. मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समिति का गठन करेंगे जो सूचना के अधिकार की धारा  ४ ब की क्रियान्विति सुनिश्चित करेगी
  2. बंधुआ मजदूरों से संबधित मामले में तुरंत कार्यवाही करते हुए एक महानिरीक्षक को कहा कि तुरंत कलक्टर से कानूनी बात करें और यदि मजदूर हाली है तो भो वह बंधुआ मजदूर की श्रेणी में आता है उसको तुरंत वह समस्त लाभ मिलना चाहिए जो एक बंधुआ मजदूर को कानूनी रूप से  मिलते हैं तथा हाली रखने वालों के खिलाफ तुरंत कार्यवाही की जाये
  3. नरेगा मजदूर युनियन के बारे उन्होंने कहा कि मामला मेरे प्रकाश में है और इसका जल्द ही कुछ समाधान ढूंढ लिया जायेगा
  4. उपभोक्ता मूल्य शूचकांक के साथ न्यूनतम मजदूरी को जोड़ने के बारे उनका कहना था कि  मैं तो इसका शुरू से पक्षधर रहा हूँ जल्द ही इसके लिए एक समिति का गठन करेंगे जो इसके बारे में सुझाव देगी जिससे महगाई के साथ- साथ ही न्यूनतम मजदूरी भी स्वत: ही बढ़ जाया करे
  5. जिन ग्राम पंचायतों में बसूली होनी है उनको में दिखवाता हूँ और जल्द ही इस पर कार्यवाही करेंगे

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मजदूर हक सत्याग्रह आज ३७ वें दिन भी जरी रहा

मजदूर हक सत्याग्रह के आज ३७ वें दिन सरकारी योजनाओं पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसमें राजस्थान व भारत सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी दी गई:बड़े ही जोश के साथ निम्नलिखित नारे लगाये :’हमारा पैसा हमारा हिसाब ‘
पैसा हमारे आपका , नही किसीके बाप का भ्रष्टाचार हाय हाय हाय हाय !!!!!!!!!

चोरी बाड़ो हाय हाय हाय हाय !!!!!!!    लड़ेंगे जीतेंगे आदि

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